आरबीएसके रीफ्रेशर प्रशिक्षण सह समीक्षा बैठक का समापन, उत्कृष्ट प्रखंडों को सम्मान

 


मुजफ्फरपुर। जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय रीफ्रेशर प्रशिक्षण सह समीक्षा बैठक का समापन गुरुवार को सफलतापूर्वक हो गया। प्रशिक्षण के अंतिम दिन विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान सकरा, मड़वन एवं मुसहरी प्रखंड को बेहतर उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।

जानकारी के अनुसार, सकरा प्रखंड ने सर्वाधिक 47,384 बच्चों की स्क्रीनिंग कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं मड़वन प्रखंड ने सबसे अधिक 136 बच्चों को डीआईसी (डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर) रेफर कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। मुसहरी प्रखंड ने 1,353 बच्चों को विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के आधार पर रेफर कर बेहतर कार्य निष्पादन का परिचय दिया। इन उत्कृष्ट कार्यों के लिए सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) एवं डीसी आरबीएसके द्वारा संबंधित प्रखंडों को सम्मानित किया गया।

तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण में सभी प्रखंडों के आयुष चिकित्सकों, फार्मासिस्टों और एएनएम को आरबीएसके कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षित किया गया। राज्य स्तर से आए प्रशिक्षित चिकित्सकों ने प्रतिभागियों को कार्यक्रम के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान 42 प्रकार की चिन्हित बीमारियों पर विस्तार से चर्चा की गई, ताकि बच्चों में जन्मजात दोष, रोग, कमियां और विकास संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

प्रशिक्षण सत्र में स्क्रीनिंग प्रक्रिया, रेफरल तंत्र, डीआईसी में उपचार व्यवस्था, दस्तावेजीकरण तथा रिपोर्टिंग प्रणाली पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि आरबीएसके कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों में संभावित बीमारियों की शीघ्र पहचान कर उन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है, जिससे गंभीर जटिलताओं को रोका जा सके।

जिला स्तर पर अब तक कुल 6,17,802 बच्चों की स्क्रीनिंग आरबीएसके टीमों द्वारा की जा चुकी है, जो जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की सक्रियता और टीमों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अधिकारियों ने सभी प्रखंडों से इसी तरह समर्पण भाव से कार्य करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की।

समापन अवसर पर अधिकारियों ने आयुष चिकित्सकों, फार्मासिस्टों और एएनएम से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को जमीनी स्तर पर लागू करने का आह्वान किया। साथ ही स्क्रीनिंग, रेफरल और फॉलोअप प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाने का निर्देश दिया, ताकि कोई भी बच्चा उपचार से वंचित न रहे।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण सह समीक्षा बैठक को जिले में बाल स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और परिणाममुखी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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