मुजफ्फरपुर। तुर्की स्थित आरडीजेएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा 26 मई 2026 को “एक्स्ट्रापल्मोनरी एवं पीडियाट्रिक टी बी ” विषय पर एक दिवसीय सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम (सीएमई) का सफल आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में 130 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें वरिष्ठ संकाय सदस्य, निजी चिकित्सक, रेजिडेंट डॉक्टर, स्नातकोत्तर एवं स्नातक छात्र, मुजफ्फरपुर जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए चिकित्सा पदाधिकारी, जिला क्षय रोग केंद्र के सभी राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) कर्मी तथा एचएलएफपीपीटी एवं डीएफवाई के प्रतिनिधि शामिल थे।
कार्यक्रम में डॉ. माला श्रीवास्तव (निदेशक, टीबीडीसी), डॉ. राकेश कुमार (एसटीएफ अध्यक्ष), डॉ. उमेश त्रिपाठी (विश्व स्वास्थ्य संगठन मुख्यालय सलाहकार), डॉ. सी.के. दास (जिला क्षय रोग पदाधिकारी), डॉ. संजीव कुमार पाण्डेय (जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी) तथा डॉ. मयंक मित्तल (तकनीकी विशेषज्ञ, एचएलएफपीपीटी) की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके साथ ही संस्थान की प्राचार्या डॉ. आभा रानी सिन्हा एवं निदेशक (चिकित्सा शिक्षा) डॉ. उदय कुमार भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
सीएमई में बाल्यकालीन एवं एक्स्ट्रा-पल्मोनरी क्षय रोग के निदान एवं प्रबंधन पर विस्तृत और व्यावहारिक चर्चा की गई। विशेष रूप से प्लूरल टीबी, पेरिकार्डियल टीबी, टीबी लसीकाग्रंथि रोग, मूत्र-जननांग टीबी, उदर टीबी तथा अस्थि-मांसपेशी टीबी जैसे जटिल विषयों पर विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। साथ ही एक्स्ट्रा-पल्मोनरी टीबी के नमूनों के संग्रहण, परिवहन एवं परीक्षण में आने वाली चुनौतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं संवादात्मक रहा।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में निदेशक (चिकित्सा शिक्षा) डॉ. उदय कुमार एवं प्राचार्या डॉ. आभा रानी सिन्हा का विशेष मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त हुआ।
सामुदायिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार पांडेय के नेतृत्व में विभाग की टीम — डॉ. सोनी रानी, डॉ. के.बी. सौरभ, डॉ. प्राची प्रिया, डॉ. प्रज्ञा सिन्हा एवं डॉ. आलोक प्रीतम — ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अतिरिक्त डॉ. प्रभात कुमार एवं डॉ. कुमार मुकुंद का सहयोग भी सराहनीय रहा।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए, जिनमें डॉ. के.बी. सौरभ (सामुदायिक चिकित्सा विभाग), डॉ. चंदा (स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग), डॉ. आशित कुमार (बाल रोग विभाग), डॉ. सी.के. दास (जिला क्षय रोग पदाधिकारी), डॉ. मयंक मित्तल (तकनीकी विशेषज्ञ), डॉ. कुमार गौरव (वरिष्ठ चिकित्सा पदाधिकारी, डीआरटीबी), डॉ. सी.पी. सिन्हा (शल्य चिकित्सा विभाग) एवं डॉ. अभाष कुमार (अस्थि रोग विभाग) शामिल थे।
अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।






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