संस्कार, संस्कृति और सृजनात्मकता का उत्सव: द एरा इंटरनेशनल स्कूल का 8वाँ वार्षिक समारोह यादगार रूप में संपन्न

 


मुजफ्फरपुर। द एरा इंटरनेशनल स्कूल, खबरा,मुजफ्फरपुर का 8वाँ वार्षिक समारोह गोबरसाही–डुमरी रोड स्थित एक निजी विवाह भवन परिसर में अत्यंत भव्यता, गरिमा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ बिहार विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर डॉ. बी.एस. रॉय, प्रख्यात कवि एवं साहित्यकार डॉ. संजय पंकज, उपमहापौर डॉ. मोनालिसा  , बिहार विश्वविद्यालय हिंदी विभाग के अध्यक्ष  प्रो. प्रमोद कुमार, संस्कृत विभाग के अध्यक्ष मनोज कुमार , चिकित्सक डॉ. नवीन, डॉ. गौरव वर्मा  तथा जिला खेल पदाधिकारी राजेन्द्र कुमार  के करकमलों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय के छात्र–छात्राओं द्वारा करीब दो दर्जन से अधिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें 16 मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियाँ, 2 सशक्त नाट्य मंचन एवं 6 मधुर गीत प्रस्तुतियाँ शामिल थीं। नन्हे–मुन्ने बच्चों से लेकर वरिष्ठ विद्यार्थियों तक ने देशभक्ति, लोक संस्कृति, सामाजिक संदेश एवं समसामयिक विषयों पर आधारित प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, अनुशासन और प्रभावशाली मंच प्रदर्शन की अतिथियों ने मुक्तकंठ से सराहना की।

कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण आदर्श अभिभावक सम्मान रहा, जिसके अंतर्गत प्रत्येक कक्षा से एक पिता एवं एक माता को विद्यालय के प्रति उनके निरंतर सहयोग, समयपालन, अनुशासन, बच्चों की शिक्षा में सक्रिय सहभागिता तथा विद्यालय के साथ सकारात्मक समन्वय के लिए सम्मानित किया गया। इस अभिनव पहल को उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों द्वारा अत्यंत सराहनीय बताया गया।

इसके अतिरिक्त, समारोह के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षकों, सहायक कर्मचारियों एवं कार्यक्रम सहयोगियों को भी सम्मानित किया गया। मंच से अतिथियों ने विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता, अनुशासन एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

अपने संबोधन में विद्यालय के निदेशक  अनुरंजन कुमार,  सलाहकार समिति अध्यक्ष राजन कुमार तथा  प्रधानाचार्य  अभिषेक कुमार सुमन ने कहा कि द एरा इंटरनेशनल स्कूल का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं संस्कारयुक्त शिक्षा का विकास करना भी संस्थान की प्राथमिकता है। उन्होंने अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के संयुक्त प्रयासों की सराहना की।

पूरे कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों का उत्साह तालियों की गूंज के रूप में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। समारोह का समापन उल्लासपूर्ण वातावरण में हुआ और यह आयोजन विद्यालय के इतिहास में एक स्मरणीय एवं प्रेरणादायक अध्याय* के रूप में दर्ज हो गया।

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