सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय के नए अधिसूचना से विश्वकर्मा समाज के सामने रोजगार का संकट : डॉ हेम नारायण विश्वकर्मा

 


पटना। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा नए 2026 अधिसूचना में बस बॉडी निर्माताओं के लिए कुछ नए नियमों का प्रावधान दिया गया है।

विश्वकर्मा समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.हेम नारायण विश्वकर्मा ने नए अधिसूचना पर रोष व्यक्त करते हुए कहा है कि देश के नागरिकों के जानमाल की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता होती है, तथा होनी भी चाहिए। विदित हो कि पूरे देश के सभी राज्यों में लगभग बढ़ई,लोहार विश्वकर्मा समाज के लोग ही बस और ट्रक का बॉडी बनाने का काम करते हैं। आधुनिक स्लीपर कोच बनाने का काम भी इन्होंने ही शुरू किया था। प्रत्येक बस, ट्रक बॉडी निर्माण यूनिट में 100 से 200 कुशल पेशेवर कारीगर काम करते हैं। अगर किसी भी रूप में सुरक्षा मानकों में अगर कोई भी कमी दिखाई देती है तो ये सभी उन्हें मानने व पूरा करने को तैयार हैं,क्योंकि सभी हुनरमंद है। लेकिन सरकार के टेस्टिंग के नए नियमों को तुरंत प्रभाव से लागू करने से लाखों बढ़ई-लोहार विश्वकर्मा समाज के लोग बेरोजगार हो जाएंगे और सामने रोटी का संकट उत्पन्न हो जाएगा।

समाज के बड़ी संख्या में कारीगर लोग चार से पांच पीढियों से यह काम कर रहे हैं। जहां से लाखों लोगों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने स्वंय के रोजगार स्थापित किए हैं। हम सरकार से मांग करते हैं कि इस नए कानून पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर विश्वकर्मा समाज के इस अति कुशल वर्ग को तथा लाखों निर्माण मजदूरों को बेरोजगार होने से बचाया जाए।

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