मुजफ्फरपुर। तुर्की स्थित आरडीजेएम मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के नेत्र रोग विभाग की ओर से 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम एवं प्रेस ब्रीफिंग का आयोजन किया गया। पखवाड़ा 25 अगस्त से 8 सितंबर 2026 तक मनाया गया। कार्यक्रम में नेत्रदान को लेकर लोगों को जागरूक करने के साथ इससे जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों और भ्रांतियों की जानकारी दी गई।
नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पल्लवी सिन्हा ने कॉर्निया अंधत्व से जूझ रहे मरीजों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के बावजूद कॉर्निया की कमी के कारण कई लोग दृष्टि प्राप्त करने से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने कहा, “नेत्रदान एक अत्यंत पवित्र और निस्वार्थ सेवा है, जो किसी के अंधकारमय जीवन में उम्मीद की नई किरण ला सकती है।”
प्रस्तुति के दौरान मुख्य वक्ता डॉ. मृणाल शंकर ने मीडिया प्रतिनिधियों को नेत्रदान से जुड़ी बारीकियों और वैज्ञानिक तथ्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मृत्यु के बाद 4 से 6 घंटे के भीतर कॉर्निया प्राप्त करना आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि व्यक्ति का नेत्रदान का संकल्प जितना महत्वपूर्ण है, उतनी ही महत्वपूर्ण परिवार की सहमति भी है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवनकाल में ही अपने परिवार के सदस्यों को नेत्रदान की इच्छा के बारे में बताना चाहिए।
डॉ. पल्लवी सिन्हा और डॉ. मृणाल शंकर ने संयुक्त रूप से मीडिया से अपील की कि नेत्रदान को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने और लोगों को नेत्रदान का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करने में मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।
कार्यक्रम के अंत में कॉलेज के चिकित्सकों, मेडिकल छात्रों एवं कर्मचारियों ने संकल्प पत्र भरकर नेत्रदान का संकल्प लिया।



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