मुजफ्फरपुर। भारतीय संस्कृति में पर्व-त्योहारों का विशेष महत्व है। इन्हीं प्रमुख पर्वों में हरतालिका तीज का विशेष स्थान है। सुहागिन महिलाएं पति की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और अखंड सौभाग्य की कामना से निर्जला व्रत रखती हैं। वहीं कुंवारी कन्याएं मनचाहे और सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के अटूट प्रेम, समर्पण और दांपत्य निष्ठा का प्रतीक माना जाता है।
आध्यात्मिक गुरु पं. कमलापति त्रिपाठी प्रमोद के अनुसार, पौराणिक मान्यताओं में माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उन्होंने अन्न-जल त्यागकर कठिन साधना की। माता पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार किया। इसी दिव्य मिलन की स्मृति में हरतालिका तीज का व्रत श्रद्धा और आस्था के साथ किया जाता है।
इसलिए पड़ा हरतालिका नाम
मान्यता के अनुसार, माता पार्वती की सखियां उन्हें उनके पिता की इच्छा के विरुद्ध घने वन में ले गईं और वहां छिपाकर उनकी तपस्या में सहयोग किया। ‘हरत’ का अर्थ हरण करना और ‘आलिका’ का अर्थ सखी माना जाता है। इसी कारण इस व्रत का नाम हरतालिका पड़ा।
मिट्टी या बालू से बनाई जाती हैं प्रतिमाएं
हरतालिका तीज के दिन पवित्र मिट्टी या बालू से भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की प्रतिमाएं बनाने की परंपरा है। चौकी सजाकर कलश स्थापना की जाती है और इसके बाद षोडशोपचार विधि से पूजा-अर्चना की जाती है। माता पार्वती को सुहाग की सामग्री जैसे साड़ी, साया, ब्लाउज, बिंदी, चूड़ी, सिंदूर, अलता, कंघी, आईना, महावर और इत्र आदि अर्पित किए जाते हैं।
भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र, धतूरा, मदार (आक) के फूल, शमी पत्र, अपराजिता, बेला, चमेली, भांग, अबीर-गुलाल और भस्म अर्पित करने का विधान बताया गया है।
रात्रि जागरण और तीन पहर पूजा का विधान
हरतालिका तीज में निर्जला व्रत के साथ रात्रि जागरण का भी विशेष महत्व है। महिलाएं रात में भजन-कीर्तन करती हैं और तीनों पहर भगवान शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना करती हैं। मान्यता है कि श्रद्धा और विधि-विधान से किए गए इस व्रत से अखंड सौभाग्य, दांपत्य सुख और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
हरतालिका तीज केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रेम, त्याग, समर्पण और अटूट विश्वास का पर्व है। यह पर्व भारतीय नारी की आस्था, शक्ति और पारिवारिक मूल्यों को भी अभिव्यक्त करता है।




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