मुजफ्फरपुर। जिलांतर्गत सरकारी अस्पतालों में गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों के इलाज हेतु स्वास्थ्य सेवाओं में काफी सुधार आया है तथा न केवल शहरी क्षेत्र में बल्कि सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं को सहज एवं बेहतर बनाया गया है। इसके लिए जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन द्वारा नियमित निरीक्षण एवं बैठक कर स्वास्थ्य सुविधाओं में अपेक्षित सुधार लाते हुए सेवाओं को सहज, त्वरित एवं जनोपयोगी बनाया गया है।
आम लोगों को सरल एवं सहज रूप में त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निमित्त जिला पदाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा संचालित कार्यो की अद्यतन प्रगति की जानकारी प्राप्त करने तथा आवश्यक सुधार लाने हेतु समाहरणालय में बैठक की गई। इस दौरान पीएचसी वाइज हर सूचकांक पर प्रदर्शन, स्टॉप डायरिया कैंपेन, टीवी मुक्त पंचायत अभियान सहित कई इंडेक्स पर समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिया।
डायरिया के प्रसार को कम करने तथा इससे होने वाले शिशु मृत्यु दर को शून्य पर लाने हेतु अंतर्विभागीय समन्वय एवं सहभागिता से 15 जुलाई से 14 सितंबर 2025 तक "स्टॉप डायरिया कैंपेन 2025" का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान के दौरान विभिन्न विभागों के समन्वय, सहयोग एवं सहभागिता से दस्त के रोकथाम के उपायों , दस्त होने पर ओआरएस एवं जिंक के प्रयोग की समझ विकसित करने, दस्त के दौरान उचित पोषण एवं समुचित इलाज के विभिन्न पहलुओं का क्रियान्वयन किया जाना है।
जिलाधिकारी ने एसओपी का पालन करने, शून्य से 5 वर्ष के बच्चों के बीच घर घर ओआरएस एवं जिंक टेबलेट का वितरण करने तथा आशा, आंगनवाड़ी वर्कर, जीविका दीदी को सक्रिय एवं तत्पर कर लोगों को प्रेरित करने का निर्देश दिया। उन्होंने आशा कार्यकर्ता का प्रखंडवार व्हाट्सएप्प ग्रुप बनाने एवं प्रगति की मानिटरिंग करने को कहा। जिलाधिकारी ने साफ सफाई एवं स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने हेतु घर-घर में महिलाओं और बच्चों को तथा स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को हैंड वॉशिंग तथा सेफ ड्रिंकिंग वॉटर के बारे में जानकारी देने को कहा। इसके लिए आईसीडीएस, जीविका एवं शिक्षा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से विशेष दिवस का आयोजन कर लोगों को जागरूक एवं प्रेरित करने को कहा। बैठक में अवगत कराया गया कि इस वर्ष मुजफ्फरपुर जिले को 858441 ओआरएस का पैकेट 5 वर्ष के कम उम्र के बच्चों को घर-घर जाकर एक ओआरएस का पैकेट उपलब्ध कराना है तथा माता को ओआरएस, घोल बनाने की विधि बताना है। साथ ही जिॅक के टैबलेट का एक स्ट्रिप यानी 14 टैबलेट सभी बच्चों को देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए एक करोड़ 81 लाख 6356 जिंक टेबलेट वितरण करने का लक्ष्य है । यह कार्यक्रम 15 जुलाई से 14 सितंबर तक होना है जिसकी शुरुआत 15 जुलाई को कर दी गई है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डायरिया से एक भी बच्चे की मृत्यु नहीं होना है । अगर समय पर ओआरएस बच्चों को देना शुरू कर देंगे तो बच्चे की मौत डायरिया से नहीं हो सकती है। साथ ही जिंक टेबलेट का एक स्ट्रिप यानी 14 टैबलेट सभी बच्चों को देने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में बताया गया कि इस जिला में डायरिया का फैलाव 14.6 % है। सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को सभी एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी सेविका, एवं जीविका दीदी का प्रशिक्षण कराने का निर्देश दिया गया है। डायरिया से संबंधित बैनर पोस्टर का उठाव कर सुगोचर सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित करने को कहा। सभी एपीएचसी, HWC, AWC, सदर अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में ओआरएस जिंक कॉर्नर लगाना सुनिश्चित करेंगे। सभी सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को पीएचईडी के माध्यम से पानी टंकी की साफ सफाई एवं साफ सफाई करना सुनिश्चित करेंगे। जिला शिक्षा पदाधिकारी को सभी बच्चों को हाथ धोने एवं साफ सफाई के बारे में छात्रों को जानकारी देने तथा जीविका आईसीडीएस वर्कर को अभियान चलाकर बच्चों एवं महिलाओं को जागरूक एवं प्रेरित करने को कहा।पिछले चक्र में बोचहा का कवरेज 52.3 %, गायघाट का59.2%, मुजफ्फरपुर अर्बन का 53.1% रहा है। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को सक्रिय एवं तत्पर होकर शत प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने का निर्देश दिया। उन्हें सभी एएनएम के माध्यम से एच एस सी अंतर्गत आशा से प्रतिवेदन का कवरेज रिपोर्ट प्रतिदिन प्राप्त कर जिला को उपलब्ध कराने को कहा।
कहीं भी गंभीर बीमारी एवं लक्षण वाले बच्चे मिलते हैं तो उन्हें तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेज कर उनका समुचित इलाज करवाना सुनिश्चित करेंगे। सभी आंगनबाड़ी केंद्र पर साफ सफाई एवं डायरिया से बचाव हेतु पोस्टर प्रदर्शन करना सुनिश्चित करेंगे।
बच्चों में निम्नलिखित लक्षण दिखाई देने पर त्वरित रूप से स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाएं-
-बच्चा ज्यादा बीमार लग रहा हो
-सुस्त या बेहोश हो जाना
-पानी जैसा लगातार दस्त का होना
-बार-बार उल्टी होना
-अत्यधिक प्यास लगना
-पानी न पी पाना
-बुखार होना
-मल में खून आ रहा हो।
ऐसी हालत में दस्त से ग्रस्त बच्चों का पहचान कर एएनएम अथवा नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र पर रेफर करना तथा माता को दस्त से होने वाले खतरे के लक्षण के बारे में बताएं।
बैठक में राष्ट्रीय टीवी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत विशेष अभियान चलाकर पंचायतों को एसओपी के अनुरूप टीबी मुक्त करने हेतु अभियान चलाया जाएगा। मुजफ्फरपुर जिले में आठ पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत घोषित किया गया है। इसमें सरैया प्रखंड के गिजास, खैरा ,अमेठा पंचायत, बंदरा प्रखंड के तेपरी पंचायत, कटरा के लखनपुर पंचायत, मड़वन के जियान खुर्द पंचायत, गायघाट के रामनगर, बाघाखाल पंचायत शामिल हैं। जिलाधिकारी ने उन पंचायत के जनप्रतिनिधियों, एवं संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को बधाई दी है तथा अन्य पंचायत के लिए भी सक्रिय एवं तत्पर होकर कार्य करने हेतु प्रेरित किया है।
किसी भी पंचायत को टीवी मुक्त पंचायत घोषित होने के लिए छ: सूचकांक पर सही उतरने की जरूरत होती है।
छ: सूचकांक निम्नवत है -
1/संभावित टीवी जांच दर प्रति हजार आबादी 30 हो
2/टीवी नोटिफिकेशन दर प्रति हजार आबादी एक रहे।
3/ट्रीटमेंट सक्सेस रेट 85% से अधिक
4/ड्रग ससेप्टिबिलिटी टेस्ट कम से कम 60%
5/ नि:क्षय पोषण योजना भुगतान 100%
6/फूड बास्केट वितरण 100%
उक्त 6 सूचकांकों के आधार पर किसी पंचायत को टीवी मुक्त पंचायत घोषित किया जाता है।
जिलाधिकारी ने नगर निगम क्षेत्र के स्लम एरिया निर्धन परिवारों की बस्ती घनी आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने तथा टीवी से संबंधित मरीज को चिन्हित कर सुधार लाने का निर्देश दिया। इसके लिए सिविल सर्जन को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी की टीम बनाने तथा स्लम बस्तियों में भ्रमण कर विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया।
2025 ई की कार्य योजना पर प्रकाश डालते हुए अवगत कराया गया कि मुजफ्फरपुर जिला अंतर्गत इस वर्ष 149 पंचायतों को टीवी मुक्त करने हेतु चिन्हित किया गया है। इस कार्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी/प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को संबंधित पंचायतों के स्लम एरिया को चिन्हित कर इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
एईएस में लगातार तीसरे वर्ष एक भी डेथ का मामला नहीं आया। जिलाधिकारी ने इस कार्य के सफल एवं सुचारु संपादन हेतु जनप्रतिनिधियों अधिकारियों एवं कर्मियों को बधाई दी है तथा उन्होंने कहा है कि अभी भी पूरी सतर्कता सावधानी एवं निगरानी के साथ जागरूकता अभियान चलाए रखना है। अब तक जिले में 29 मामले रिपोर्टेड हैं।
बैठक में जिला स्वास्थ्य समिति के तहत प्रखंड वार सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस दौरान प्रसव पूर्व जांच, एनसीडी, संस्थागत प्रसव, संपूर्ण टीकाकरण, एएनसी, आदि की भी समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिया गया।




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