मुजफ्फरपुर। देशभर के सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए एक अत्यंत दुखद और हृदय विदारक समाचार सामने आया है। प्रख्यात गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रणसिंह परमार का निधन हो गया है। उन्होंने शनिवार शाम छत्तीसगढ़ के तिल्दा स्थित प्रयोग आश्रम में अंतिम सांस ली। उनके निधन से सामाजिक क्षेत्र में गहरी शोक की लहर दौड़ गई है।
डॉ. रणसिंह परमार देश के वरिष्ठ गांधीवादी विचारक डॉ. एस.एन. सुब्बाराव के अभिन्न सहयोगी रहे थे। वे महात्मा गांधी सेवा आश्रम, जोड़ा (मध्यप्रदेश) के सचिव के रूप में कार्यरत थे। इसके साथ ही वे जल, जंगल और जमीन पर सबका अधिकार सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे आंदोलन एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी थे। सामाजिक न्याय और जनअधिकारों के लिए उन्होंने लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई।
डॉ. परमार राष्ट्रीय युवा योजना और कई अन्य सामाजिक संगठनों से भी जुड़े रहे। उन्होंने अपने जीवन को समाज सेवा और गांधीवादी विचारधारा के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित कर दिया था। चंबल क्षेत्र सहित देश के विभिन्न हिस्सों में डॉ. एस.एन. सुब्बाराव द्वारा संचालित कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने में उन्होंने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उनके निधन को सामाजिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि डॉ. परमार का जीवन समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए बीता। उनके विचार और कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।
डॉ. रणसिंह परमार मूल रूप से मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के निवासी थे। उनके निधन पर देशभर के सामाजिक कार्यकर्ताओं और गांधीवादी संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया है और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है।
शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में प्रयत्न के संस्थापक एवं राष्ट्रीय युवा योजना के प्रभात कुमार, राष्ट्रीय युवा योजना के मुकेश चंद्र झा, गांधी शांति प्रतिष्ठान मुजफ्फरपुर केंद्र के अध्यक्ष प्रो. अरुण कुमार सिंह, सचिव अरविंद वरुण, प्रो. विकास नारायण उपाध्याय, केशव पांडे, रजनीश कुमार झा, विकास कुमार सिंह, कुमारी हेना, उषा झा, शिवानी कुमारी, शालिनी रंजन, अमित चंद्र चौधरी, विक्रम जय नारायण निषाद, अर्जुन गुप्ता, श्रीधर कुमार, कमल गुप्ता, राहुल कुमार, कृष्णा कुमार सहित अनेक लोग शामिल हैं।
सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए ईश्वर से उनके परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और संबल प्रदान करने की कामना की है।




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