जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन ने आयोजित किया- होली मिलन समारोह

 

मुजफ्फरपुर। नया टोला स्थित थियोसोफिकल लाज में जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन मुजफ्फरपुर के द्वारा आयोजित,  चित्तरंजन सिन्हा कनक की अध्यक्षता में, होली मिलन समारोह हर्षोल्लास के संपन्न हुआ ।आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन मुजफ्फरपुर के प्रधानमंत्री उदय नारायण सिंह ने कहा -' बुझे बुझे और पीड़ित मन से नहीं खेली जाती होली/मन बन जाए जब वृन्दावन तब मस्ती से खेले होली।

चित्तरंजन सिन्हा कनक ने अपने अध्यक्षीय उद्गार में कहा कि होली रंगों का त्योहार है और रंग वहां है जहां मन जवान है ।उपाध्यक्ष डॉ विनोद कुमार सिन्हा ने कहा कि होली प्रेम ,सौहार्द्र और संवेदना का पर्व है । डॉ प्रियंवदा दास ने अपने बचपन के संस्मरण सुनाकर खुब तालियां बटोरी ।युवा साहित्यकार पंकज बसंत ने कहा अब होली रस्म अदायगी तक सिमट कर रह गई है। होली अपनी पावनता को खो रही ।डॉ हरि किशोर सिंह ने कहा कि होली में बूढ़े भी मन से जवान हो जाते है । पत्रकार प्रमोद नारायण मिश्र ने कहा कि अब होली हुड़दंग हो गई है ।रमेश प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा ने कहा कि होली भाईचारा एवं समरसता का त्योहार है। 

इस अवसर पर देवेन्द्र प्रसाद शर्मा,मधुमंगल ठाकुर एवं उमानाथ प्रसाद सिंह ने भी अपने विचार रखें । तत्पश्चात होली गीतों की एक से बढ़कर फुलझड़ियां चली।थियोसोफिकल लाज तालियों की ध्वनि से अनवरत गूंजता रहा। अंत में सबों ने, एक -दूसरे को, अबीर-गुलाल लगाकर बधाई एवं शुभकामना की सौगात से, अंतः तक भींगो दिया। इस सुअवसर पर मधु मंगल ठाकुर के द्वारा धन्यवाद ज्ञांपन के बाद समारोह अपनी पूर्णता को प्राप्त किया।

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