---सहारा इण्डिया के विरुद्ध आयोग का कड़ा आदेश
---परिवादी गौरीशंकर सिंह ने वर्ष 2020 में जिला उपभोक्ता आयोग में दर्ज कराया था परिवाद
---परिवादी की ओर से मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के.झा कर रहे थे मामले की पैरवी
मुजफ्फरपुर। जिले के सदर थाना क्षेत्र के लहलादपुर पताही गाँव निवासी गौरीशंकर सिंह ने वर्ष 2010 में कुल 8 (आठ) लाख रूपये का निवेश सहारा इण्डिया के पंकज मार्केट शाखा में किया था, जिसमें सहारा इण्डिया के द्वारा उन्हें प्रतिमाह 7,000 (सात हजार) रूपये ब्याज देने का वादा किया गया था, लेकिन सहारा इण्डिया के कर्मियों द्वारा कागजी हेरा-फेरी कर उक्त 7,000 (सात हजार) रूपये ब्याज वाली राशि को सहारा इण्डिया के करजा शाखा में जमा किया जाने लगा। परिवादी को ब्याज की राशि का पूर्ण लाभ नहीं मिल पाया और वर्ष 2020 में परिपक्वता अवधि पूर्ण होने पर भी परिवादी को जब परिपक्वता राशि का लाभ नहीं मिल पाया तो उनके द्वारा जिला उपभोक्ता आयोग में 17 जून 2020 को मुकदमा दर्ज कराया गया। सभी साक्ष्यों का अवलोकन करने के पश्चात जिला उपभोक्ता आयोग ने माना कि सहारा इंडिया के द्वारा परिवादी को सही सेवा उपलब्ध नहीं कराया गया, जो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के विरुद्ध है। उसके बाद आयोग के माननीय अध्यक्ष पियूष कमल दीक्षित तथा माननीय सदस्य सुनील कुमार तिवारी की पीठ द्वारा सहारा इण्डिया को यह आदेश दिया गया कि वह परिवादी को 14 (चौदह) लाख 37 (सैतिस) हजार रूपये का भुगतान करें तथा 17 जून 2020 से 8 (आठ) प्रतिशत ब्याज देना भी सुनिश्चित करें। इतना ही नहीं, आर्थिक, मानसिक व शारीरिक हर्जाना के मद में 20 (बीस) हजार रूपये और वाद खर्च के रूप में 10 (दस) हजार रुपये देना भी सुनिश्चित करें। आदेश की प्रति के प्राप्ति के 45 दिनों के अंदर सहारा इण्डिया को हर हाल में परिवादी को पैसा देना है। अगर सहारा इण्डिया ऐसा नहीं करती है, तो उसे 10 (दस) प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से भुगतान करना होगा। विदित हो कि सहारा इण्डिया के कर्मियों के द्वारा वर्ष 2020 में ही परिवादी को जान से मारने का प्रयास भी किया जा चुका है, जिस सम्बन्ध में सिविल कोर्ट मुजफ्फरपुर में आपराधिक मुकदमा भी सहारा इण्डिया के कर्मियों के विरुद्ध चल रहा है। मानवाधिकार अधिवक्ता एस. के. झा ने कहा कि जिला उपभोक्ता आयोग द्वारा पारित निर्णय काफ़ी अच्छा है। सहारा इंडिया के रवैये से काफ़ी लोग परेशान है। ऐसे में आयोग द्वारा पारित निर्णय सहारा इण्डिया से त्रस्त लोगों के लिए एक नजीर साबित होगी।




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