मुजफ्फरपुर। छात्र हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा से० के प्रदेश अध्यक्ष संकेत मिश्रा ने बिहार राज्य विश्वविद्यालय सहायक प्रोफेसर नियुक्ति नियमावली 2025 का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि ये पूरे बिहार के छात्रों के साथ सरासर अन्यान्य हो रहा है इस नियमावली में जितने भी नियम बनाए गए हैं उनमें सभी छात्र विरोधी नियम है। पिछले नियमावलियों का खामियाजा नए छात्रों पर टूट पड़ा पहले अभ्यर्थियों की पूर्व की नियुक्ति में अभ्यर्थियों के द्वारा गलत गलत प्रमाण पत्र जारी किए जाने के कारण इस तरह का नियम बनाकर अभ्यर्थियों पर थोपना बिल्कुल गलत है वही जो शोधार्थी इतनी मेहनत से अपना शोध कार्य संपन्न कर पीएचडी की उपाधि लेते हैं नेट की तैयारी कर छात्र नेट जेआरएफ की उपाधि लेते हैं उन सभी उपाधियां को एक सिरे से खारिज कर लिखित परीक्षा का आदेश देना यह सभी हास्यास्पद विषय है वह भी वर्णनात्मक यह सीधा-सीधा सेटिंग की ओर इंगित करता है ऐसे में छात्रों का अधिक शोषण और दोहन होगा वहीं कॉमर्स विषय में सिर्फ कॉमर्स को एलाइड किया गया है ऐसे में कॉमर्स विषय के अंतर्गत बिजनेस एनवायरमेंट, मैनेजमेंट, हुमन रिसोर्स, अकाउंटिंग एंड फाइनेंस,मार्केटिंग, बिजनेस स्टडी, एंटरप्रेन्योरशिप आदि विषयों का भी उसमें होना चाहिए जो कि नहीं है।
ऐसे में छात्र के हितों को लेकर छात्र हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा से० के प्रदेश अध्यक्ष संकेत मिश्रा ने बताया कि सभी मामलों को लेकर माननीय कुलाधिपति महोदय तथा सरकार के माननीय शिक्षा मंत्री से मिलकर इसमें हस्तक्षेप कर सकारात्मक व सार्थक निर्णय लेने का आग्रह करेंगे।




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