पीएचडी नामांकन प्रक्रिया पर रोक की मांग, शुल्क वसूली के खिलाफ छात्र राजद का प्रदर्शन का ऐलान



मुजफ्फरपुर। छात्र राष्ट्रीय जनता दल (छात्र राजद) की ओर से बिहार विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें संगठन के नेताओं ने दो प्रमुख मुद्दों को उठाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षा विभाग पर सवाल खड़े किए।

छात्र राजद नेता चंदन यादव ने बताया कि पहला मुद्दा बिहार विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित पैट (PAT) परीक्षा 2023-24 के परिणाम प्रकाशित होने के बाद पीएचडी नामांकन प्रक्रिया को लेकर है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने 2 अप्रैल से 10 अप्रैल तक आवेदन के लिए पोर्टल खोल दिया है, जो नियमों के पूरी तरह खिलाफ है। उन्होंने इस प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

दूसरे मुद्दे पर बोलते हुए चंदन यादव ने कहा कि वर्ष 2015 में ही शिक्षा विभाग द्वारा यह स्पष्ट आदेश जारी किया गया था कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं सभी वर्ग की छात्राओं से स्नातकोत्तर स्तर पर किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके बावजूद विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों एवं महाविद्यालयों द्वारा छात्राओं से लगातार शुल्क वसूला जा रहा है, जो न केवल सरकारी आदेशों का उल्लंघन है, बल्कि छात्राओं के हितों के भी विपरीत है।

छात्र राजद ने चेतावनी दी कि यदि इन दोनों मुद्दों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन पहले चरण में धरना प्रदर्शन करेगा। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर आमरण अनशन करने को बाध्य होगा।

संवाददाता सम्मेलन में दीपक ठाकुर, समीर झा, सुबोध यादव सहित संगठन के कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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